17/03/2025
कल्पना चावला
कल्पना चावला भारत में जन्मी पहली महिला अंतरिक्ष यात्री थीं। उनका जन्म 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल में हुआ था। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चली गईं।
नासा में करियर
कल्पना चावला ने 1988 में नासा में काम करना शुरू किया और 1997 में वे अपने पहले अंतरिक्ष मिशन पर गईं।
कोलंबिया दुर्घटना
1 फरवरी 2003 को, अपने दूसरे अंतरिक्ष मिशन के दौरान, जब स्पेस शटल कोलंबिया (STS-107) पृथ्वी पर लौट रहा था, तो वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में कल्पना चावला सहित सातों अंतरिक्ष यात्रियों की मृत्यु हो गई।
सम्मान और प्रेरणा
कल्पना चावला आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। उनके नाम पर कई शिक्षण संस्थान, सड़कों और उपग्रहों के नाम रखे गए हैं। भारत सरकार ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया।
वे अपनी जिज्ञासा, मेहनत और सपनों को पूरा करने की लगन के लिए जानी जाती हैं। उनका यह कथन बहुत प्रसिद्ध है:
"जब आप सितारों को छूना चाहते हैं, तो पूरा ब्रह्मांड आपकी मदद करता है।"