24/06/2025
कभी कालीन बेचते थे, आज कला के डॉक्टर कहे जाते हैं!
भारतीय फिल्म जगत के दिग्गज कलाकार गोवर्धन 'असरानी' का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं!
बंटवारे के बाद एक सिंधी परिवार जयपुर आया। उसी परिवार में जन्मे असरानी ने बचपन सादगी में गुज़ारा।
पिता कालीन बेचते थे, और असरानी… सपने।
दिन में पढ़ाई, रात में ऑल इंडिया रेडियो में वॉइस आर्टिस्ट की नौकरी – ताकि पढ़ाई जारी रह सके। लेकिन दिल तो हमेशा एक्टिंग में ही अटका था।
ऋषिकेश मुखर्जी जैसे दिग्गजों से मार्गदर्शन मिला, FTII में ट्रेनिंग ली, गुजराती फिल्मों से शुरुआत की और फिर हिंदी सिनेमा के सबसे चहेते कॉमेडियन बन गए।
‘शोले’ के जेलर से लेकर 300 से ज़्यादा फिल्मों तक – असरानी जी ने हर किरदार में जान डाल दी।
हमें हंसाया, रुलाया और भरपूर मनोरंजन किया।
आज उन्हीं के हुनर और जुनून को सम्मान मिला है – Invertis University ने असरानी जी को ‘Doctor of Arts’ की उपाधि दी है।
एक ऐसे कलाकार को सलाम जिसने कभी रुकना नहीं सीखा – और हमें यादगार किरदार दिए, जो हमेशा दिल में रहेंगे।
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