17/04/2020
नफ़रत फैलाये बिना भी तुम आघात कर सकते हो
दिल में रखो अपने दिलों की बात समय आने पर तुम सबसे बडा घात कर सकते हो।
जीना सीखें हम उन शेरों की तरह मरने के बाद भी पहचान शेर की ही रहती है। मेरा कहना है कि शेर कभी भौंका नहीं करते लेकिन शिकार कभी पंजे में आ जाए तो छोड़ा भी नहीं करते। याद रहे मरें हम तो पहचान हमारी शेर की होनी चाहिए।🙏जय भवानी🙏