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हेलो दोस्तों Kali Attacks में आपका स्वागत है। तो Friends अब चलते है हम Post की तरफ तो आज हम लोगो Beef Framework की बात क...
19/07/2018

हेलो दोस्तों Kali Attacks में आपका स्वागत है। तो Friends अब चलते है हम Post की तरफ तो आज हम लोगो Beef Framework की बात करेंगे।

दोस्तों यह एक ऐसा Tool है जो Kali Attacks की Top 10 Tools की List में आता है। जी हां दोस्तों यह Tool बहोत ही अच्छी है , और जब आपको Hacking एक ही Network में करना हो तो इससे Best Tool तो कुछ है ही नहीं।

दोस्तों शुरू करने से पहले हम Beef Tool के बारे में कुछ बाते करते है। दोस्तों Beef एक Framework है जो आपको Kali Linux में Preloaded मिलता है।
दोस्तों यह Tool Web Browser को Exploit करने में माहिर होता है। जी हां दोस्तों Web Browser चाहे वो कोई भी Browser हो चाहे Chrome या Firefox या कोई भी।
तो दोस्तों इस Tool से Exploit करने के लिए आपको न ही कोई Application बनाना होता है और ना ही कोई Other File Target को देनी होती है।

तो दोस्तों जैसा की आप जानते है की हम अपनी पूरी Practical's Kali Linux में ही करते है और जबकि Beef Kali Linux में Preloaded भी है , तो दोस्तों चलिए शुरू करे।


दोस्तों सबसे पहले आपको Kali Linux Ki Terminal को Open करना है और यह Command Type करना है
Cd /Usr/Share/Beef-Xss/Beef और Enter करे जैसा की आप Image में देख रहे है।


दोस्तों आप देख सकते है की जैसे ही आपने Command Type किया Beef Is Loading Show कर रहा है इसका मतलब है की Beef Open हो रहा है।





दोस्तों Beef ने अब अपनी Hook Script बना ली है। अगर आपको नहीं पता की Beef की Hook Script का क्या मतलब होता है , तो में बता दू की यह एक Javascript की Script होती है जिसका काम यह होता है ,की वो जैसे ही Target के Browser से Connect होती है ,
वैसे ही उसे अपना Client बना लेती है और Beef के Server से वो Connected हो जाती है। इस कारण से Hackers उसके Browser को Control कर सकते है।



दोस्तों अब हमें एक Html Page बनाना होगा जिसमे हम एक Link बनाएंगे जैसे ही Target उस Link पे Click करेगा वो Beef के Server से Hook हो जायेगा । तो दोस्तों Html Page की Content आपको Image Me दिख रही होगी।





दोस्तों अब आपको उस Html Page को Save करना है जिसकी Location यह है Var/Www/Html जहा आपको उस Page को Save कर ले आप नाम कुछ भी दे सकते है।




दोस्तों अब आपको आपकी Ip Address को Check करना होगा जिसके लिए आपको यह Command Type करना है Ifconfig Image में आप देख सकते है।


दोस्तों अब आपको Apache Service को Start करना होगा।
और दोस्तों अगर आपको नहीं पता तो में बता दू की Apache एक Server होता है और हम इसे इस लिए Open कर रहे है कियुकी ताकि हम अपने Network में Local Server की Service Start कर सके , और जब यह Service Start हो जाएगी , तो आप पुरे Local Network में बस अपनी Ip को Browser में Type करके अपनी Files को Access कर सकते है।
Start करने की Command आपको Image में देख रही होगी





दोस्तों अब आप Ready हो जाए अब आपकी Social Engineering की Steps काम आएगी।
अगर आपको Social Engineering के बारे में नहीं पता तो आप यहाँ Social Engineering पे Click करे।

तो बस आपको कैसे करके भी उससे हमारी बनाए हुए Html Page जो हमने Apache वाली Folder में Paste किया था उसकी Link मतलब हमारी Ip Address उसके Browser पे Open करवाना है ताकि वो Hook हो जाए।



दोस्तों अगर आपके Target ने उस Link को Open कर लिया है , तो वो Hook हो चूका होगा तो अब आपको Beef की Gui Framework को ओपन करना है इसके लिए आपको Beef पे Click करना होगा आप Image में देख सकते है।

दोस्तों अब आप देख सकते है की आपको Image में एक Terminal Open Dekh रही होगी और उसके ऊपर लिखा है की Beef Service Are Open

दोस्तों अब आप देख सकते है की Beef आपके Browser पे Open हो चूका है और अब आपको उसको Login और Password देकर Open करना होगा जिसके लिए Username Beef और Password Beef Type करे और Enter करे जैसा की Image में Show कर रहा है।

तो दोस्तों आप देख सकते है की आपका target hack हो चूका है जिसकी ip address भी show कर रही है।


दोस्तों अब आप अपने target के browser के साथ कुछ भी कर सकते है।
तो चलिए आज beef के इस tutorial में हम target के facebook को hack करते है , पर दोस्तों में पहिले आपको बता दू की इसके पहिले यह ख्याल रखे की पहले check कर ले की आपका target facebook पे online है भी की नहीं।
इसके लिए आपको अपने target से पहिले online facebook पे chat करके देख लेना चाहिए तो दोस्तों आप image में देख सकते है की

1. पहिले आपको commands में जाना है जो आपको सबसे ऊपर की और देख रही है।
2 . अब आपको social engineering tool में click करना है।
3 .अब आपको pretty theft में click करना है।

4 .दोस्तों अब आपको 4 step में देख रहे होंगे की facebook नाम से कुछ लिखा होगा आपको उसमे कुछ नहीं करना है जैसा है वैसे ही रहने दे।

5 .दोस्तों अब आपको 5 step में EXECUTE पे click करना है जैसा की आप image में देख रहे है।

दोस्तों अब आप image में देख सकते है की target को एक notification receive होगा जिसमे उससे कहा जायेगा की वो अपने facebook को फिर से login करे।

"Google की सुरक्षा कारणों की वजह से हम यहां पे ओरिजनल फेसबुक पेज का image नहीं दे रहे हैं।"





दोस्तों अब target को facebook login page को fill up तो करना ही होगा ताकि वो फिरसे login कर जाए।

"Google की सुरक्षा कारणों की वजह से हम यहां पे ओरिजनल फेसबुक पेज का image नहीं दे रहे हैं।"

दोस्तों दोस्तों आप image में देख सकते है की आपका target अपनी facebook की details आपको दे चूका है।

तो दोस्तों यह आपने देखा की कैसे हम beef framework को use करके अपने target को कैसे hack कर सकते है।

दोस्तों आपने तो आज facebook को hack होते देखा , लेकिन में आपको बता दू की beef केवल facebook ही नहीं ऐसी बोहोत की social media site और tools को hack कर सकता है।

और दोस्तों आपको यह post कैसी लगी आप please comment section में बताएं।
अगर आप beef का use करते हुए और भी hacking post देखना कहते है की please उसे भी comment में लिखे , और thanks आप लोगो kali attacks को इतना पसंद कर रहे है। तो दोस्तों पढ़ते रहिये और सीखते रहिये।

बरमूडा ट्राएंगल का पूरा सचबरमूडा त्रिकोण अटलांटिक महासागर का एक क्षेत्र है जहां पर हवाईजहाज़ और समुंद्री जहाज रहस्यमय रू...
11/03/2017

बरमूडा ट्राएंगल का पूरा सच
बरमूडा त्रिकोण अटलांटिक महासागर का एक क्षेत्र है जहां पर हवाईजहाज़ और समुंद्री जहाज रहस्यमय रूप से लापता होने की बातें कही जाती है।

आधिकारिक रूप से बरमूडा ट्राएंगल जैसे किसी क्षेत्र का अस्तित्व नही है। पर आम धारणा के अनुसार यह क्षेत्र अटलांटिक महासागर में अमेरिका के दक्षिण में स्थित है। बरमूडा ट्राएंगल के तीन बिंदू बरमूडा द्वीप , अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य का मियामी शहर और प्युर्टो रीको (Puerto Rico) राज्य का सान जुआन टापू है।

बरमुडा त्रिकोण का क्षेत्रफल लगभग 7 लाख वर्ग किलोमीटर है। इतना क्षेत्रफल राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के संयुक्त क्षेत्रफल से भी ज्यादा है।

Bermuda triangle का प्रभाव क्षेत्र निश्चित नही है। कई ऐसी दुर्घटनाएं हुई है जो बरमूडा ट्राएंगल के क्षेत्र से दूर थी पर फिर भी उन्हें इस ट्राएंगल के तथाकथित रहस्मई प्रभाव से जोड़ दिया गया है।


क्या बरमूडा त्रिकोण में सच में रहस्मई दुर्घनाएं होती हैं?

ऐसा बिलकुल भी नही है। अमेरिका के समुंद्र रक्षक विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में होने वाली दुर्घनाएं किसी अन्य क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं से ज्यादा नही हैं।

इस क्षेत्र में वर्ष 1945 में होने वाली अमेरिकी सेना के हवाई जहाजों के लापता होने की दुर्घटना को अगर छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी दुर्घटनाओं के संतोषजनक और स्पष्ट कारण उपलब्ध हैं।

साल 2013 में एक संस्था World Wide Fund for Nature ने समुंद्री यात्रा के लिए सबसे खतरनाक स्थानों की लिस्ट जारी की थी जिसमें Bermuda triangle नही है। यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि यह क्षेत्र कोई रहस्मई और खतरनाक क्षेत्र नही हैं।

यदि बरमूडा त्रिकोण में होने वाली घटनाएं किसी अन्य क्षेत्र से ज्यादा नही तो फिर इस क्षेत्र को रहस्मई क्षेत्र क्यों कहा जाता है?

इसका मुख्य कारण एक तो वह लोग है जो अपने निजी स्वार्थ के लिए बरमूडा त्रिकोण से जुड़ी घटनाओं और तथ्यों को बढ़ा – चढ़ा कर पेश करते है और दूसरे वह लोग जिन्हें सनसनीखेज़ समाचारों और कहानियों में विश्वास होता है। जब तक ऐसी कहानियां और ऐसे लोग रहेगें तब तक बरमूडा त्रिकोण को रहस्य के रूप में ही जाना जाता रहेगा।


5 सितंबर 1945 को अमेरिकी नौसेना के टारपीडो वायुयानों की दुर्घटना

Flight 19 [Image Source – Appspot.com]

इस दुर्घटना को आप बरमूडा त्रिकोण के तथाकथित रहस्य की जनक कह सकते हैं। अगर यह घटना ना हुई होती तो शायद ही ‘बरमूडा त्रिकोण के रहस्य‘ जैसी बात कोई होती।

घटना कुछ इस तरह से है कि 5 सितंबर 1945 को अमेरिकी नौसेना के पांच टारपीडो विमान नियमित ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरते हैं। उन्हें तट से 120 मील की दूरी तय करके वापिस आना था। जहां से उन्हें गुजरना था वह जगह बरमूडा त्रिकोण के क्षेत्र में आती थी।

पांचो पायलटों के उड़ान भरने के तकरीबन एक घंटे बाद कंट्रोल रूम ने मुख्य पायलट से संदेश प्राप्त किया कि वह कहीं खो गए हैं और उनके कंपास काम नही कर रहे। इसके बाद मुख्य पायलट का कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया।

इसके बाद कंट्रोल रूम को शाम को मुख्य पायलट का दूसरे पायलटों को दिया एक संदेश मिला जिस में वह बाकी चार पायलटो से कह रहा है – हमारे विमानों में ईधन खत्म हो गया है, सभी पायलट कूदने की तैयारी कर लें।

कंट्रोल रूम के अधिकारियों ने यह संदेश पाते ही दो PBM-5 वायुयानों को उन की खोज़ के लिए भेजा। इनमें से एक में उड़ान भरते समय विस्फोट हो गया और दूसरा उन 5 जहाजों को खोज नही पाता।

इन दो PBM-5 वायुयानों के सिवाए एक मैरीनर फ्लाईग बोट को भी जहाजों की खोज़ के लिए भेजा गया। यह मैरीनर फ्लाईग बोट उड़ने के साथ – साथ समुंद्र में तैर भी सकती थी। पर इस मैरीनर फ्लाईग बोट के उड़ान भरने के कुछ समय के अंदर ही इसमें हवा में ही विस्फोट हो जाता है। इसका कोई भी अंश नही मिल पाया था। इसकी जानकारी नीचे समुंद्र में तैर रहे रहे एक समुंद्री जहाज ने थी कि उसने शाम 7 बज कर 50 मिनट पर आसमान में एक धमाका होते देखा था।

पांच हवाई जहाज़ो संबंधी एक दिन बाद एक महत्वपूर्ण सूचना जरूर प्राप्त हुई। उन पांचो हवाई जहाज़ो के थोड़ी दूर एक ओर जहाज़ भी उड़ा रहा था जिसके पायलट राबर्ट काक्स थे। राबर्ट काक्स ने संकट में फसे हवाई जहाज के मुख्य पायलट का संदेश प्राप्त किया था।

मुख्य पायलट ने राबर्ट काक्स को बताया था कि वे किसी छोटे द्वीप के ऊपर उड़ रहे हैं, उन्हे उसके अतिरिक्त कोई अन्य भूमि नज़र नही आ रही। बाद में इस हादसे की जांच करने वाले अधिकारियों ने पाया कि सभी जहाज़ अपने तय रूट पर नही थे क्योंकि अगर वह अपने तय रास्ते पर होते तो उन्हें एक द्वीप नही बल्कि कई द्वीप दिखने चाहिए थे।

इसके बाद उन पांचो टारपीडो जहांजो और उनके पायलटो का कुछ पता नही चल पाता। ना तो विमानों का थोड़ा बहुत मलबा

16 कानूनी अधिकार जो हर भारतीय को पता होना आवश्यक है!Home  भारतभारत16 कानूनी अधिकार जो हर भारतीय को पता होना आवश्यक है!By...
10/03/2017

16 कानूनी अधिकार जो हर भारतीय को पता होना आवश्यक है!
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16 कानूनी अधिकार जो हर भारतीय को पता होना आवश्यक है!
By अरविन्द कुमार07186



ऐसे 16 कानूनी अधिकार जो हर भारतीय को पता होना आवश्यक है!

भारत एक विकासशील देश है. भारत में रहने वाले बहुत सारे नागरिकों को अपने कानूनी अधिकार नहीं पता होते जिसकी वजह से हम भ्रष्टाचार और धोखेबाजी का शिकार हो जाते हैं. इस लेख में हम आपको बतायेंगे आपके 16 अधिकार और कानून के नियम जिनकी जानकारी होना आपके लिए बहुत आवश्यक और फायदेमंद है.

अगर आपके सिलिंडर में विस्फोट होता है तो आपको 40 लाख रूपये मुआवजे के रूप में मिलेंगे. अगर किसी का एल.पी.जी के गैस सिलिंडर में विस्फोट होता है तो वह 40 लाख रूपये का हर्जाना मांग सकता है यह हर व्यक्ति का कानूनी अधिकार है.
अगर आप किसी कंपनी द्वारा भेंट किये हुए तोहफे को स्वीकार करते हैं तो आप पर कोई व्यक्ति रिश्वत लेने का मुकदमा चला सकता है. आजकल कंपनियों में लोगों को तोहफे भेजने की परम्परा बनती जा रही है. सरकार द्वारा इस तरह की परम्परा को खत्म करने के लिए वर्ष 2010 में एक कानून बनाया गया और इस कानून के मुताबिक अगर आप किसी कंपनी से किसी तरह का तोहफा लेते हैं तो उसको रिश्वत समझा जायेगा और आप पर कानूनी कारावाई हो सकती है.
भारत में केवल महिला पुलिस अधिकारी के पास ही महिलाओं को गिरफ्तार करके सुरक्षित थाने में ले जाने का अधिकार होता है. अगर भारत में किसी महिला को पुरुष पुलिस अधिकारी गिरफ्तार करके थाने में लेकर जाता है तो इसको अपराध माना जायेगा और ऐसे पुलिस अधिकारियों पर कानूनी कारवाई की जा सकती है. अगर किसी महिला को रात के 6 बजे से लेकर सुबह के 6 बजे समय के बीच पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा जाता है तो उस महिला को अधिकार है कि वह पुलिस स्टेशन आने से मना कर सकती है.
कर वसूल करने वाले अधिकारियों के पास आपको गिरफ्तार करने का अधिकार होता है. अगर आप ने टैक्स नहीं दिया तो टी.आर.ओ (Tax Recovery Organization) के पास आपको गिरफ्तार करने का अधिकार होता है और उनकी मर्जी से ही आप जेल से छूट सकते हैं. इस नियम का उल्लेख वर्ष 1961 के इनकम टैक्स एक्ट में किया गया है.
साइकिल चलाने वालों पर कोई मोटर व्हीकल एक्ट नहीं लागू होता. अगर आप रोजाना साइकिल चलाते हैं तो आपको मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं क्योंकि मोटर व्हीकल एक्ट के अधीन साइकिल और रिक्शा नहीं आते.
महिलाएं, पुलिस को ई-मेल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकती हैं. दिल्ली पुलिस ने हाल ही में महिलाओं को ऐसी सुविधा दी है जिनमें महिलाएं घर बैठे-बैठे अपनी शिकायत को ई-मेल के माध्यम से दर्ज करवा सकती हैं और उन्हें पुलिस स्टेशन आने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.
भारत में अभी भी बहुत सारे लोग लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी अपराध मानते हैं. भारतीय कानून के अनुसार लिव-इन रिलेशनशिप अवैध नहीं है लेकिन लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पुरुष और महिला को बहुत सारी बातों का ध्यान रखना होता है. अगर लिव-इन रिलेशनशिप में बच्चे का जन्म होता है तो उसका माता-पिता की प्रॉपर्टी पर पूरा-पूरा अधिकार होगा.
राजनीतिक दलों के पास चुनाव के समय आप से वाहन किराए पर लेने का अधिकार होता है. अगर आप वाहन देने के लिए तैयार हैं तो चुनाव के समय राजनीतिक दल आपसे आपका वाहन किराए पर ले सकते हैं.
भारत में अगर आप पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने की वजह से दिन में एक बार जुर्माना लग गया है तो आप पर पुलिस अधिकारी पूरे दिन फिर जुर्माना नहीं लगा सकते. उदाहरण के लिए अगर आप पर दिन में एक बार हेलमेट ना पहनने का चालान हो गया है तो रात तक आप बिना हेलमेट पहने घूम सकते हैं और ट्रैफिक अधिकारी आप पर जुर्माना नहीं लगा सकता
आप के पास वस्तु की अधिकतम खुदरा मूल्य (Maximum Retail Price) से कम कीमत देने का अधिकार होता है. आप दुकानदार से कोई वस्तु सौदे के साथ भी खरीद सकते हैं जैसे कि अगर किसी वस्तु का मूल्य 100 रूपये है तो आप सौदा करके उस वस्तु को 90 रूपये में भी खरीद सकते हैं.
अगर कोई व्यक्ति आप से काम लेकर या आपसे पैसे उधार लेकर आपको भुगतान नहीं करता तो आप अदालत में उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं. भारतीय अधिनियम के अनुसार अगर कोई आपको भुगतान नहीं दे रहा तो आप उस व्यक्ति के खिलाफ अदालत में एप्लीकेशन लिख कर मामला दर्ज करवा सकते हैं. यह आपका कानूनी अधिकार होता है. आपके पास उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने का तीन साल का समय होता है जिससे आप ने पैसे लेने हैं.
अगर आप सार्वजनिक जगह पर अश्लील गतिविधियां करते हैं तो आपको तीन महीने की सजा हो सकती है.
पुलिस का हैड-कांस्टेबल किसी ऐसे अपराध के लिए आपको दंड नहीं दे सकता जिसका जुर्माना 100 रुपये से अधिक हो. अगर आपने एक से अधिक कानून के नियमों का उलंघन किया तो आपका चाल

1. संयुक्त राज्य अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा और 9 अगस्त 1945 को नागासाकी शहर पर एटम बम गिराया। द्वितीय ...
10/03/2017

1. संयुक्त राज्य अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा और 9 अगस्त 1945 को नागासाकी शहर पर एटम बम गिराया। द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र राष्ट्रों द्वारा पराजित होने वाला जापान अंतिम देश था और उसके घुटने टेकते ही द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया. इस परमाणु हमले के बाद जापान लगभग पूरी तरह से तबाह हो गया. जापान के लाखों मासूम लोग इन हमलों में मारे गये थे.

टाइटैनिक जहाज के बारे में 1998 में निर्मित टाइटैनिक फिल्म देख कर मिलता है. यह फिल्म देखने में बहुत ही दुखद थी लेकिन यह अ...
10/03/2017

टाइटैनिक जहाज के बारे में

1998 में निर्मित टाइटैनिक फिल्म देख कर मिलता है. यह फिल्म देखने में बहुत ही दुखद थी लेकिन यह असल में हुई टाइटैनिक की घटना के कई तथ्य नहीं दर्शाती. सभी जानते है कि टाइटैनिक की घटना वास्तविक थी, जिसमें टाइटैनिक जैसा विशाल जहाज समुद्र की तह तक पहुंच गया. यहाँ पेश हैं टाइटैनिक के बारे में कुछ अनजानीं परंतु जानने योग्य बातें.

टाइटैनिक जहाज डूबने से ठीक पहले एक जापानी यात्री बच निकला था. जब वह जापान ठीक-ठाक पहुंच गया तो वह बहुत शर्मिंदा हुआ. उसने भावुक मन से कहा कि उसे भी जहाज के साथ डूब जाना चाहिए था.
टाइटैनिक फिल्म का सबसे भावुक पल तब था जब जहाज में बैंड के सदस्य यात्रियों को शांत करने के लिए लगातार संगीत बजा रहे थे. ऐसा वास्तव में भी हुआ था. जहाज में सवार बैंड ग्रुप ने लोगों को डूबने के डर से शांत करने के लिए घंटों तक संगीत बजाया था.
उस हिम-चट्टान को टाइटैनिक जहाज का कप्तान यदि 30 सेकंड पहले देख लेता तो इस दुर्घटना से बचा जा सकता था.
मिल्टन हरशे, जिसने दुनिया की सबसे बेहतरीन चाकलेट बार का निर्माण किया था, ने भी टाइटैनिक जहाज की टिकट खरीदी थी. लेकिन उसकी बाद में जहाज में जाने की योजना बदल गयी थी.
टाइटैनिक जहाज में चार चिमनियाँ थी, लेकिन इसकी चौथी चिमनी काम नहीं करती थी. चौथी चिमनी सिर्फ दिखावे के लिए बनाई गई थी.
आधे से ज्यादा जीवनरक्षक किश्तिओं को उनकी पूरी क्षमता तक नहीं भरा गया था.
टाइटैनिक जहाज में यात्रियों को रहने के लिए तीन श्रेणीयों में विभाजित किया गया था.
इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था जिसमें सिर्फ एक हिमशैल की वजह से पूरा जहाज डूब गया था.
टाइटैनिक जहाज के डूबने के एक दिन पहले जहाज में जाने वाले यात्रियों पर मॉक-ड्रिल करने की योजना थी जिसमें यह बताया जाता कि आपातकालीन स्थिति में क्या करना चाहिए. लेकिन यह योजना स्थगित कर दी गयी थी.
टाइटैनिक जहाज, जिस हिमशैल से टकराया था, वह हिमशैल लगभग पिछले 1000 वर्षों से समुद्र में तैर रहा था.
टाइटैनिक फिल्म का बजट टाइटैनिक जहाज की उस समय की कुल कीमत से भी ज्यादा था.
टाइटैनिक जहाज डूबने से बचने वाले लोगों में से एक कुक भी था. वह सिर्फ इसी कारण से बच गया था क्योंकि उसने इतनी शराब पी ली थी कि जिससे उसका शरीर ठण्ड में भी गर्म रहा.
उस समय कैलिफोर्निया नाम का एक ओर जहाज, टाइटैनिक जहाज के नजदीक था लेकिन दोनों जहाजों में संचार व्यवस्था टूट गई थी, जिससे कैलिफ़ोर्नियन जहाज पर सवार लोग उनका बचाव नहीं कर सके.
टाइटैनिक जहाज में अपनी पहली यात्रा पर 10 अप्रैल 1912 को शुरु की थी. चार दिन की यात्रा के बाद 14 अप्रैल 1912 को वह हिमखंड से टकरा कर पानी में डूब गया था. जिसमे 2,208 यात्रियों और चालक दल शामिल थे. जिसमे से 1496 लोग मरे थे और 712 लोग बच गये थे.
टाइटैनिक जहाज दुर्घटना से बचने वाली अंतिम यात्री Millvina Dean थी. जिसकी 31 मई 2009 को 97 साल में मृत्यु हुयी थी.
बर्फ के पहाड़ से टकराने के बाद टाइटैनिक को डूबने में 2 घंटे 40 मिनट लगे थे.
टाइटैनिक जहाज त्रासदी को लेकर वेबसाइट(https://www.encyclopedia-titanica.org/) बनी है जिस पर दुर्घटना के बारे में विस्तृत विवरण दिए गये हैं. इस वेबसाइट पर जहाज के क्रू मेम्बेर्स और कर्मचारियों, मृतकों और बचने वालों की पूरी लिस्ट भी दी गयी है

अमेरिका की डेथ वैली में अपने आप खिसकते पत्थरों का क्या है राज़???दुनिया में कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका जो की अभी तक रहस्य ह...
10/03/2017

अमेरिका की डेथ वैली में अपने आप खिसकते पत्थरों का क्या है राज़???
दुनिया में कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका जो की अभी तक रहस्य ही बना हुआ है. एक ऐसी ही रहस्यमयी जगह डेथ वैली है जो कि पूर्वी कैलिफोर्निया में एक रेगिस्तान में स्थित हैं. डेथ वैली उत्तरी अमेरिका की सबसे गर्म, सूखी और विचित्र जगह है. कैलिफोर्निया के डेथवैली की संरचना और तापमान हमेशा से ही सबको चौंकाने वाला रहा है. लेकिन इस जगह की सबसे विचित्र बात यह है कि यहाँ पत्थर अपने आप एक जगह से दूसरी जगह चले जाते हैं. जिन्हें सेलिंग स्टोन्स के नाम से भी जाना जाता है. इस क्षेत्र में कम से कम 320 किलो तक के पत्थरों को अपनी जगह बदलते देखा गया है, ऐसा क्यों होता है? यह अभी तक रहस्य बना हुआ है.
इन पत्थरों का खिसकने के पीछे के रहस्य का पता अभी तक नासा भी नहीं लगा पाई है. यह जगह 1.25 मील पूरब से पश्चिम और 2.5 मील उत्तर से दक्षिण तक समतल फैली हुई है. इस जगह पर लगभग 100 पत्थर ऐसे हैं जो अपने आप खिसकते रहते हैं लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इन पत्थरों को खिसकते हुए किसी ने भी नहीं देखा है. कई सालों से ये पत्थर अपनी जगह से करीब 300 मीटर दूर तक खिसके मिलते हैं.

खिसकते पत्थरों के पीछे सब के अलग अलग तथ्य हैं.

1972 में इस रहस्य को सुलझाने के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम ने इन पत्थरों का सात साल तक अध्ययन किया. वैज्ञानिकों की टीम ने एक 317 किलोग्राम का पत्थर का अध्ययन किया लेकिन अध्ययन के दौरान वह ज़रा भी नहीं हिला. लेकिन कुछ साल बाद जब उसी जगह पर वापस लौटे, तो करीब 1 किलोमीटर दूर मिला.


वैज्ञानिकों ने इस रहस्य का परिणाम यह निकाला कि तेज रफ्तार से चलने वाली हवाओं के कारण पत्थर अपने आप खिसकते हैं. वहीँ दूसरी और कुछ लोगों का मानना है कि यह सब पारलौकिक शक्तियों के कारण होता है. गहन शोध के बाद स्पेन की कम्प्लूटेंस यूनिवर्सिटी के भूवैज्ञानिकों ने इस जगह की मिट्‌टी में मौजूद माइक्रोब्स को इसका कारण बताया था.

माइक्रोब्स साइनोबैक्टीरिया एक कोशिकीय शैवाल होता हैं, जिनके कारण झील के तल में चिकना पदार्थ और गैस पैदा होती है. जिसके कारण पकड़ बनाने में मुश्किल होती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस चिकने धरातल पर सर्द मौसम में तेज हवा की वजह से यह पत्थर अपनी जगह से खिसक जाते हैं.

1. अन्टार्कटिका में खून का गिरना.अंटार्कटिका (Antarctica) में टेलर ग्लेशियर (Tylor Glacier) के मुहाने से वेस्ट लेक बोन्न...
10/03/2017

1. अन्टार्कटिका में खून का गिरना.
अंटार्कटिका (Antarctica) में टेलर ग्लेशियर (Tylor Glacier) के मुहाने से वेस्ट लेक बोन्नी (West Lake Bonney) में गिरने वाला पानी खून जैसा दिखता है. इस कलगी वाले नमकीन पानी में आयरन-ऑक्साइड की अधिकता होने के कारण इस पानी का रंग खून जैसा दिखता है. यह जगह पूर्वी अंटार्कटिका के विक्टोरिया लैंड(Victoria Land) में स्थित मैकमुरदो सूखी वैली (McMurdo Dry Valley) की टेलर वैली में है.

इतिहास के बारे में 15 ग़ज़ब रोचक तथ्य  #1. पहली “Selfie” लेने वाला ना तो Cool dude था और ना ही उसने पाऊच किया था. यह सुन...
10/03/2017

इतिहास के बारे में 15 ग़ज़ब रोचक तथ्य #
1. पहली “Selfie” लेने वाला ना तो Cool dude था और ना ही उसने पाऊच किया था. यह सुनने में शायद अजीब लगे, लेकिन 1839 की एक तस्वीर को दुनिया की सबसे पहली सेल्फी माना गया है। यह सेल्फी Robert Cornelius नाम के व्यक्ति की है।

2. प्रथम विश्वयुद्ध की शुरूआत के समय अमेरिकी एयरफोर्स के पास केवल 18 पायलट और 5-12 जहाज थे।

3. पहली ऑटोमैटिक स्ट्रीट लाईट 2 मार्च 1949 को अमेरिका के न्यू मिलफोर्ड शहर में लगाई गई थी। हर रात एक व्यक्ति बारी-बारी से इन लाइटो को जलाता था और सूर्योदय के समय ये स्वयं बंद हो जाती थी।


4. T-Shirt का अविष्कार 1904 में किया गया था।

5. 3 अप्रैल 1973 को Motorola के इंजीनियर मार्टिन कूपर ने पहली बार मोबाइल फोन से बात की थी। मार्टिन को इसे बाजार में लाने में 10 साल लग गए।

6. चश्में का प्रयोग पिछले 700 साल से किया जा रहा है।

7. संसार का सबसे पुराना बबलगम 9,000 साल पुराना है।

8. 1811 में एक जबरदस्त भुचाल के कारण Mississippi(उत्तरी अमरीका) नाम की नदी उल्टी दिशा में बहने लगी थी।



9. प्राचीन मिस्त्र में तकिए के रूप में पत्थर का इस्तेमाल किया जाता था।

10. विश्व में सबसे पुरानी पिज्जा की दुकान इटली के शहर नेपल्स में 1830 में खुली थी जो आज तक अस्तित्व में है।

11. आज से करीब 14 करोड़ साल पहले अफ्रीका, भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे महाद्वीप आपस में जुड़े हुए थे। लेकिन धीरे-धीरे ये अलग होते गए।

12. फ्रेंच एक समय में इंग्लैंड की अधिकारिक भाषा थी. लगभग 600 साल तक यह इंग्लैंड की अधिकारिक भाषा रही थी.


13. इतिहास में बहुत सी मजेदार बाते भी हुई है जैसे सन् 1592 में जिओरडनो ब्रूनो को इसलिए गिरफ़्तार कर लिया गया था क्योंकि उनका यह मानना था कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है।

14. इतिहास में सबसे छोटा युद्ध 1896 में England और Zanzibar(पुर्वी अफ्रीका में) के बीच हुआ. जिसमें Zanzibar ने 38 मिनट बाद ही सरेंडर कर दिया था।

15. अल्बर्ट आइंस्टीन की मृत्यु के साथ ही उनके आखिरी शब्द की भी मृत्यु हो गई। क्योंकी उसके करीब जो नर्स थी उसे जर्मन समझ नही आती थी।

क्या मिस्र के पिरामिड को किसी एलियन परग्रही ने बनाया था -What The Egyptian Pyramids Were Built By Aliens Any Alien -मिस्...
10/03/2017

क्या मिस्र के पिरामिड को किसी एलियन परग्रही ने बनाया था -What The Egyptian Pyramids Were Built By Aliens Any Alien -

मिस्र के पिरामिड एक ऐसी ही पहेली हैं. पिरामिडों पर बरसों से रिसर्च चल रही है लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया. अब तो वैज्ञानिक भी मानते हैं कि ये सारे पिरामिड परग्रहियों की मदद के बिना बनना संभव नहीं है. क्या वाकई पिरामिड परग्रहियों ने बनवाए, ये पिरामिड इतनी बेजोड़ इंजीनियरिंग से बनाये गये है की ये विस्वास ही नही होता की इन विशाल इमारतो को आज से 5000 हजार साल पहले बिना किसी उपकरण और सहायता से उन गवार आदिवासी लोगो ने बनाया है आईये गोर करते है कुछ बातो पर

तीनो पिरामिडो का एंगल -

ऊपर तो तस्वीर दी गयी है उसमे साफ नजर आ रहा है की इनको एक विशेष एंगल में बनाया गया है, और ये एंगल अन्तरिक्ष से भी दिखाई देता है ,हो सकता है की जिन एलियन परग्रही ने इसका निर्माण किया है , वो अन्तरिक्ष में मोजूद अपने साथियों को धरती पर अपनी स्थिति बताना चाहते हो की हम कहा है ,

एक तारामंडल की तरह आकर -

और उसी तस्वीर में और इस तारामंडल की तस्वीर में आप तीन तारो को देख रहे है, वो उन तीन पिरामिडो की तरह से लगते है उनकी जगह भी वो ही दो पिरामिड एक सीध में और एक थोडा सा साइड में ठीक इन तिन तारो की तरह ,,शायद ये नक्शा हो उन एलियनो का जिन्होंने इन पिरामिडो को बनाया और वो इसी तारामंडल में से आये हो



क्या एलियन ही मिस्र वासियों के देवता थे -

जेसा की ऊपर दिए गये चित्र में नजर आरहा ही की वो लोग जिस देवता की पूजा कर रहे है वो एलियन उड़न तस्तरी या अन्तरिक्ष यान है जो आग की लपते निकल रहा है और तेज चमक रहा है ,

उनके यान के चित्र -

चित्र को ध्यान से देखने पर हमे एक हेलीकॉप्टर एक लड़ाकू विमान और वायुयान और मिसायल नज़र आरही है ,,जाहिर सी बात है की 5000 साल पहले ये चीजे मिस्र वासियों ने देखी होगी ,इसलिए उन्होंने ये भित्ति चित्र बनाया होगा ,एसे चित्र कल्पना से तो नही बनाया जा सकता

और भी बहुत बाते है जो इस और इशारा करती है की इन विशाल आक्रतियो का निर्माण एक बहुत ही उन्नत सभ्यता ने किया है ,उन परग्रही यात्रियों में इन का इस्तेमाल अपने बेस की तरह किया होगा और फिर वो चले गये तब बहुत बाद में मिस्र के राजाओ ने इन पिरामिडो को अपमे पूर्वजो को दफ़नाने में किया होगा -सत्य कुछ भी हो सकता है बस जरूरत है अपने दिमाग को खुला रखकर देखने की --

दुनिया कैसे बनी,हम कहा से आये है रहस्य जाने आप भी।How Did The World, We Have Come To Say To You The Secret..हम यहां क्यो...
10/03/2017

दुनिया कैसे बनी,हम कहा से आये है रहस्य जाने आप भी।How Did The World, We Have Come To Say To You The Secret.
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हम यहां क्यों हैं ? हम कहां से आए हैं ?----स्टीफिन हाकिंग--stephen hawking in hindi

सेंट्रल अफ्रीका के बोशोंगो लोगों के मुताबिक, मानव जाति के आगमन से पहले दुनिया में केवल तीन चीजें थीं, गहरा अंधेरा, पानी और महान देवता बुंबा। एक दिन बुंबा के पेट में तेज दर्द उठा जिससे उन्हें उल्टी हुई। इस उल्टी के साथ सूरज बाहर निकल पड़ा। सूरज की तेज गर्मी से कुछ पानी सूख गया, जिससे जमीन सामने आई। लेकिन पेट से सूरज के निकलने के बावजूद बुंबा की तबीयत ठीक नहीं हुई और एक के बाद उल्टियों के साथ उनके मुंह से चंद्रमा, सितारे और उसके बाद तेंदुए, मगरमच्छ, कछुए और अंत में मानव निकल पड़े।

सृष्टि और जीवन की शुरुआत को लेकर अलग-अलग संस्कृतियों में प्रचलित मिथकों में से ये भी एक मिथ है। लेकिन ये सभी मिथक ऐसे बहुत से सवालों से जूझते रहे हैं, जिनके जवाब तलाशने की कोशिश हम अब भी कर रहे हैं। अब जाकर हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि इन मूलभूत सवालों के जवाब पौराणिक संदर्भों में नहीं बल्कि साइंस में छिपे हैं। अपने अस्तित्व से जुड़े रहस्यों की बात करें तो इसके पहले वैज्ञानिक साक्ष्य की खोज करीब 92 साल पहले की गई थी, जब 1920 में एडविन हब्बल ने लॉस एंजिल्स काउंटी में मौजूद माउंट विल्सन ऑब्जरवेटरी के 100 इंच टेलिस्कोप से अपने मशहूर ऑब्जरवेशंस की शुरुआत की थी। आकाशगंगाओं से आ रही रोशनी को माप कर हब्बल उनकी गति की गणना कर सके। उन्होंने देखा कि कुछ आकाशगंगाएं हमारे पास आ रही हैं, जबकि कुछ हमसे दूर छिटकती चली जा रही हैं। हब्बल ये देखकर आश्चर्य से भर उठे थे कि करीब सभी आकाशगंगाएं गतिशील हैं। उन्होंने देखा कि ज्यादा फासले वाली आकाशगंगाएं ज्यादा तेज गति से दूर भाग रही हैं। गतिशील और लगातार फैलते जा रहे ब्रह्मांड की खोज 20वीं सदी की सबसे महान खोज है। इस खोज ने ब्रह्मांड के बारे में सदियों से जारी बहस की दिशा ही मोड़ दी। लोग अब ये सोंचने पर मजबूर हो गए कि क्या ब्रह्मांड की कोई शुरुआत भी थी? अगर आकाशगंगाएं आज दूर भाग रही हैं, तो शायद कल वो एक-दूसरे के करीब थीं। अगर उनकी गति स्थिर थी, तो अलमारी में तहाकर रखे गए कपड़ों की तरह, अरबों साल पहले उन्हें एक-दूसरे के ऊपर होना चाहिए था। क्या ब्रह्मांड की शुरुआत इसी तरह से हुई ?

ब्रह्मांड की शुरुआत का विचार लोगों को कभी ठीक नहीं लगा। उदाहरण को तौर पर मशहूर यूनानी दार्शनिक अरस्तु को यकीन था कि ब्रह्मांड का अस्तित्व शाश्वत है। अमरता का विचार हमेशा से लोगों को कहीं ज्यादा विश्वसनीय लगता है, बजाय इसके कि किसी चीज का निर्माण हुआ। निर्माण या शुरुआत का विचार इसलिए भी अखरता था क्योंकि उस वक्त लोग इसकी तुलना बाढ़ या दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद होते शहरों और फिर से उनके पुनर्निर्माण से करते थे। यानि अगर ब्रह्मांड की शुरुआत हुई है, तो इसका मतलब ये भी हुआ कि इससे पहले उसका खात्मा हो चुका था। शाश्वत ब्रह्मांड में यकीन की वजह धार्मिक भी थी, कोई इस विश्वास को तोड़ना नहीं चाहता था कि एक सर्वशक्तिमान बाहरी एजेंसी ‘ईश्वर’ ने ब्रह्मांड को उत्पन्न किया और इसे वर्तमान शक्ल बक्श दी।

अब अगर आप कहें कि ब्रह्मांड की शुरुआत हुई थी, तो तुरंत ये सवाल उठेगा कि उस शुरुआत से पहले क्या हुआ था ? मैं पूछना चाहूंगा कि इस ब्रह्मांड को रचने से पहले ईश्वर क्या कर रहा था? क्या वो ऐसे सवाल पूछने वाले लोगों के लिए नर्क तैयार करने में व्यस्त था ? ब्रह्मांड की शुरुआत हुई या नहीं जर्मन दार्शनिक इमानुएल कांट के लिए ये बहुत बड़ा सवाल था। उनका मानना था कि दोनों ही मान्यताओं में कई तार्किक अंतरविरोध मौजूद हैं। अगर मान लें कि ब्रह्मांड की शुरुआत हुई थी, तो फिर उसने शुरुआत के लिए अनंत काल तक इंतजार क्यों किया ? कांट ने इसे ‘थेसिस’ का नाम दिया। दूसरी तरफ, अगर ब्रह्मांड का वजूद शाश्वत काल से है, तो फिर वर्तमान स्थिति तक आने के लिए इसने अनंत समय क्यों लिया? कांट ने इस विचार को ‘एंटीथेसिस’ कहा। ‘थेसिस’ और ‘एंटीथेसिस’ दोनों ही कांट की परिकल्पनाएं थीं, जैसा कि उस वक्त के और भी लोगों का मानना था कि समय निरपेक्ष और अपरिवर्तनशील है। यानि समय अनंत भूतकाल से होते हुए अनंत भविष्य की ओर बढ़ा चला जा रहा है। लोगों का मानना था कि समय इससे अप्रभावित है कि उसकी पृष्ठभूमि में किसी ब्रह्मांड का अस्तित्व है या नहीं।stephen hawking in hindi

ब्रह्मांड के उदभव को समझने के लिए हमें जनरल थ्योरी आफ रिलेटिविटी को क्वांटम थ्योरी के साथ मिलाने की जरूरत है। ‘सम ओवर हिस्टिरीज’ का फेनमैन का आइडिया, ऐसा करने का सबसे बढ़िया तरीका नजर आता है। रिचर्ड फेनमैन विविधताओं से भरे काफी रंगीले इंसान थे। वो पैसाडीना के एक स्ट्रिप ज्वाइंट में बोंगो ड्रम्स भी बजाते थे और कैलीफोर्निया इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी में ब्रिल

जानिए कैसे होगा दुनिया का अंत ,प्रलय Here's How The World Will End, Holocaust;दुनिया के अंत की हजारो भविष्यवाणी हो चुकी ...
10/03/2017

जानिए कैसे होगा दुनिया का अंत ,प्रलय Here's How The World Will End, Holocaust

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दुनिया के अंत की हजारो भविष्यवाणी हो चुकी है ,इनमे से कुछ तो गलत साबित हो गयी है और कुछ गलत साबित होना बाकि है , लेकिन कुछ भी हो दुनिया का अंत केसे होगा और कब होगा इस बात की जिज्ञासा इन्सान में जब से है ,तब इन्सान ने समझना शुरू किया था और ये जिज्ञासा तब तक रहेगी जब तक दुनिया खत्म नही होजाती ,हर धर्म में ऐसी बाते कही गयी है की दुनिया का अंत या कयामत ,प्रलये इस तरह आएगी ,लेकिन हम इस बारे में बात नही करेंगे ,,हम तो विज्ञानं क्या कहता है इस बारे में ये जानेगे की विज्ञानं के नजरिये से दुनिया अंत या प्रलय और कयामत केसे आएगी , आज विज्ञान यह मालूम कर चुका है कि ब्रह्माण्ड फैल रहा है। और फैलने की यह रफ्तार लगातार बढ़ रही है। लेकिन इस फैलाव का भी एक अंत होना चाहिए। फैलते फैलते आखिर में वह किस शक्ल में होगा, कहां तक जायेगा, इस बारे में विज्ञान किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहा है, और तीन अलग अलग थ्योरीज पेश कर रहा है।

पहली थ्योरी बिग फ्रीज़ (Big Freeze Theory) या हीट डेथ (Heat Death Theory)
इस नज़रिये के मुताबिक यूनिवर्स फैलते हुए धीरे धीरे ठंडा होता जायेगा और साथ ही उसके विस्तार की गति भी धीमी पड़ती जायेगी। आखिर में ठंडक की सबसे निचली हालत (Absolute Zero) में पहुंच जायेगा। उस वक्त ब्रह्माण्ड को गति देने वाली पूरी ऊर्जा खत्म हो जायेगी और उसकी हर चीज़ स्थिर हो जायेगी, अपनी जगंह पर रुक जायेगी। कुछ इस तरंह जैसे किसी ठंडे देश में बर्फीले तूफान के बाद सब कुछ बर्फ में जम कर रह जाये।



दूसरी थ्योरी बिग रिप (Big Rip Theory)
जिसमें ब्रह्माण्ड के फैलने की रफ्तार धीरे धीरे बढ़ती जायेगी और इस वजह से ब्रह्माण्ड के सभी पिण्ड टूटकर बिखरने लगेंगे और आखिर में एक दूसरे से अलग बिखरे हुए मूल कण यानि इलेक्ट्रान, प्रोटान इत्यादि ही बाकी रह जायेंगे। ये मूल कण फिर एक दूसरे को खत्म करने लगेंगे नतीजे में मिलेगा एक ऐसा ब्रह्माण्ड जिसमें कुछ नहीं होगा। कुछ इस तरंह जैसे हवा में बहुत से साबुन के बुलबुले बिखरे हुए हों और ये बुलबुले धीरे धीरे फूटकर खत्म हो जायें। इस ब्रह्माण्ड को सिंगुलैरिटी (Singularity) कहा गया है। यह थ्योरी सन 2003 में प्रस्तुत की गयी थी

तीसरी थ्योरी बिग क्रन्च (Big Crunch)
जिसके अनुसार एक समय आयेगा जब ब्रह्माण्ड का फैलना रुक जायेगा और फिर वह सिकुड़ना शुरू हो जायेगा और आखिरकार वह उसी स्टेज पर पहुंच जायेगा जहाँ वह बिग बैंग से पहले था। फिर पैदा होगा एक नया ब्रह्माण्ड एक नये बिग बैंग के द्वारा। फैलने सिकुड़ने और नये ब्रह्माण्डों के बनने की प्रक्रिया लगातार इसी तरंह चलती रहेगी। वर्तमान में जो भी तथ्य मिल रहे हैं उनसे यही मालूम हो रहा है कि ब्रह्माण्ड के फैलने की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। लेकिन जो ऊर्जा इस काम को अंजाम दे रही है उसके बारे में विज्ञान अँधेरे में है। हो सकता है कभी इस ऊर्जा का मिजाज़ बदल जाये और वह ब्रह्माण्ड को सिकोड़ना शुरू कर दे।
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