18/07/2026
ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 :--
वेद बोलने वाला ब्रह्म काल कह रहा है कि, पूर्ण परमात्मा विलक्षण मनुष्य के बच्चे के रूप में प्रकट होकर कविर्देव अपने वास्तविक ज्ञान को अपनी कबीर वाणी के द्वारा निर्मल ज्ञान अपने हंस आत्माओं अर्थात पुण्यात्मा अनुयायियों को कविताओं, लोकोक्तियों के द्वारा संबोधन करके अर्थात उच्चारण करके वर्णन करता है।
ज्ञान गंगा पुस्तक पढ़े ।।