26/04/2023
खड़े हैं मुझको ख़रीदार देखने के लिए
मै घर से निकला था बाज़ार देखने के लिए
हज़ार बार हज़ारों की सम्त देखते हैं
तरस गए तुझे एक बार देखने के लिए
क़तार में कई नाबीना लोग शामिल हैं
अमीरे-शहर का दरबार देखने के लिए
जगाए रखता हूँ सूरज को अपनी पलकों पर
ज़मीं को ख़्वाब से बेदार देखने के लिए
अजीब शख़्स है लेता है जुगनुओ से ख़िराज़
शबों को अपने चमकदार देखने के लिए
हर एक हर्फ़ से चिंगारियाँ निकलती हैं
कलेजा चाहिए अख़बार देखने के लिए
राहत इंदौरी