26/09/2016
फ़िल्म–एतबार
किसी नजर को तेरा इंतज़ार आज भी है कहाँ हो तुम के ये दिल बेकरार आज भी है
वो वादियाँ, वो फज़ायें के हम मिले थे जहाँ मेरी वफ़ा का वही पर मज़ार आज भी है
न जाने देख के क्यों उनको ये हुआ एहसास के मेरे दिल पे उन्हें इख्तियार आज भी है
वो प्यार जिस के लिए हमने छोड़ दी दुनिया वफ़ा की राह में घायल वो प्यार आज भी है
यकीन नहीं है मगर आज भी ये लगता है मेरी तलाश में शायद बहार आज भी है
न पूछ कितने मोहब्बत के ज़ख़्म खाये हैं के जिनको सोच के दिल सोगवार आज भी है