18/08/2025
पर्दे पर मां की ममता बिखेरती एक मुस्कुराती सूरत, जिसकी आवाज़ और आंखों की गहराई से लाखों दर्शक खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते थे। कभी अपने बच्चों को डांटती, कभी सीने से लगाकर ढांढस बंधाती, तो कभी अपने बलिदान से परिवार को संभालती—ये चेहरा किसी और का नहीं बल्कि रीमा लागू का था। 🎬
रीमा लागू का जन्म 21 जून 1958 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था। शुरुआत मराठी थिएटर से हुई और वहीं से अभिनय की नींव मजबूत हुई। धीरे-धीरे हिंदी सिनेमा में कदम रखा और फिर तो उन्होंने अपनी सादगी और असरदार अदाकारी से ऐसा जादू किया कि उन्हें “बॉलीवुड की सर्वश्रेष्ठ मां” कहा जाने लगा। उनकी अदाकारी इतनी स्वाभाविक थी कि दर्शक अक्सर भूल जाते थे कि वे एक किरदार देख रहे हैं, लगता था मानो यह कोई असली जिंदगी का पल हो।
“हम आपके हैं कौन,” “मैंने प्यार किया,” “कुछ कुछ होता है,” “वास्तव” और “कल हो ना हो” जैसी फिल्मों में उनके मां के किरदार आज भी दर्शकों की यादों में जिंदा हैं। फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने टीवी की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई। “तू तू मैं मैं” और “श्रीमान श्रीमती” जैसे धारावाहिकों में उनकी कॉमिक टाइमिंग और सादगी ने उन्हें घर-घर का चहेता चेहरा बना दिया।
रीमा लागू सिर्फ पर्दे पर मां नहीं थीं, बल्कि उन्होंने भारतीय सिनेमा और टेलीविजन को वो असली “घर जैसा एहसास” दिया, जो शायद ही किसी और ने दिया हो। उनकी खासियत यही थी कि उन्होंने हर किरदार में भावनाओं की गहराई भर दी, चाहे वह गंभीर भूमिका हो या हल्की-फुल्की।
18 मई 2017 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी अदाकारी और उनका असर आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। रीमा लागू वह नाम हैं, जिन्हें भूल पाना असंभव है। उनकी मुस्कुराहट, उनका अपनापन और उनके निभाए किरदार हमेशा भारतीय सिनेमा की विरासत में अमर रहेंगे।