17/01/2024
मेरे वजूद का आधार मेरे पापा
मेरे नाम को वजन देते मेरे पापा
मेरी गलतियों को माफ़ कर देते मेरे पापा
बिना कहे मेरी फ़िक्र रखते मेरे पापा
मुश्किल मे मेरा सहारा बनते मेरे पापा
कमजोर मन को विश्वास दिलाते मेरे पापा
गम को खुशी मे बदलने का हुनर रखते मेरे पापा
आज को आज मे जीने की शिक्षा देते मेरे पापा
जिंदगी को गीत की तरह गुनगुनाते मेरे पापा
कभी किसी चीज के लिए ना नही करते मेरे पापा
कठिन समय को धैर्य रखने का हुनर जानते मेरे पापा
जीवन को संयम और सरलता से जीते मेरे पापा
अपनी मस्ती मे मस्त रहना सिखाते मेरे पापा
ना अभाव का भाव, ना सफलता का प्रभाव
शायद इसीलिए इस कलयुग मे "अजात शत्रु" है मेरे पापा
आपके वंश के इस अंश का सविनय, सादर प्रणाम
जन्मदिन की अनंत, असीम शुभकामनाएँ आपके आशीर्वाद की कामना के साथ
सदैव आपका "सुनील"