11/03/2026
जापान में एक अभिनव तकनीक है जो लोगों के "हर कदम" को बिजली में बदल देती है। इसे "पायोइलेक्ट्रिक टाइल्स" कहा जाता है। ये टाइलें पैदल चलने वाले के पैरों पर दबाव और कंपन की ऊर्जा को अवशोषित करती हैं और इस यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर देती हैं। अंदर के पिएजोइलेक्ट्रिक तत्वों में थोड़ी सी विकृति होती है, जिससे माइक्रोकरंट उत्पन्न होता है। एक कदम से थोड़ी सी शक्ति उत्पन्न होती है, लेकिन लाखों कदमों से एलईडी लाइटें, डिजिटल डिस्प्ले और सेंसर आदि चलाने के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त हो जाती है। टोक्यो के शिबुया स्टेशन जैसे व्यस्त स्थानों पर, प्रतिदिन लगभग 2.4 मिलियन कदम इस प्रणाली में योगदान देते हैं। इस बिजली को एकत्रित किया जा सकता है या तुरंत उपयोग किया जा सकता hai, जिससे पारंपरिक विद्युत स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और शहर के टिकाऊ बुनियादी ढांचे को विकसित करने में मदद मिलेगी। हर दिन मामूली विकृति के कारण माइक्रोकरंट उत्पन्न होता है। एक कदम से थोड़ी सी शक्ति उत्पन्न होती है, लेकिन लाखों कदमों से एलईडी लाइटें, डिजिटल डिस्प्ले और सेंसर आदि चलाने के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त हो जाती है। टोक्यो के शिबुया स्टेशन जैसे व्यस्त स्थानों पर, प्रतिदिन लगभग 2.4 मिलियन कदम इस प्रणाली में योगदान देते हैं। इस बिजली को एकत्रित किया जा सकता है या तुरंत उपयोग किया जा सकता hai, जिससे पारंपरिक विद्युत स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और शहर के टिकाऊ बुनियादी ढांचे को विकसित करने में मदद मिलेगी। भविष्य की नवीकरणीय ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए प्रतिदिन "चलने" का कार्य सत्ता में बदल रहा है। ⚡ #जापान #पीजोइलेक्ट्रिकटाइल्स स्मार्टसिटी पर्यावरण संरक्षण फ्यूचरकेदिशा प्रेरणा इकोफ्रेंडली