10/06/2026
आज के दौर में जहाँ लोग फायदे का कोई मौका नहीं छोड़ते, वहीं अपने नुकसान की भरपाई होते ही मालवीय नगर अग्निकांड में लाखों रुपए के गद्दे बिछाकर 10 से ज्यादा लोगों की जान बचाने वाले रियाजुद्दीन और अरमान मंसूरी ने कहा — "हमारे नुकसान की भरपाई हो गई है, अब हमारे खाते में पैसा ना डालें।"
दिल्ली के मालवीय नगर में जब एक इमारत धू-धू कर जल रही थी, तब रियाजुद्दीन और अरमान मंसूरी नाम के दो फरिश्तों ने अपनी जान की परवाह किए बिना 10 से ज्यादा लोगों की जान बचाई। उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपनी दुकान से लाखों रुपये के नए गद्दे निकालकर नीचे बिछा दिए, ताकि ऊपर फंसे लोग कूदकर खुद को बचा सकें।
लोगों की जान तो बच गई, लेकिन इस बहादुरी में उनके सारे गद्दे जलकर खाक हो गए।
जब देश को उनकी इस कुर्बानी का पता चला, तो लोगों ने भेंट स्वरूप उनकी आर्थिक मदद की। लेकिन अब अपने नुकसान की भरपाई होते ही इन्होंने ईमानदारी की एक मिसाल पेश करते हुए कहा— "हमारे नुकसान की भरपाई हो गई है, अब हमारे खाते में पैसा ना डालें।"
रियाजुद्दीन और अरमान के इस स्वाभिमान और ईमानदारी ने पूरे देश का दिल जीत लिया है। बहादुरी और ईमानदारी की इस अनूठी मिसाल को हमारा सलाम! ✨❤️
MalviyaNagar देहली Dehlinews