03/08/2015
खुशबु आ रही है
कहीँ से भांग और ताज़ा गांजे
की...
शायद खिड़की खुली रह
गयी है
मेरे महांकाल के दरवाजे की
श्रवण मास के पहले सोमवार की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाए।।
जय श्री महांकाल
🚩ॐ नमाः शिवाय🚩