Umashankar yadav

Umashankar yadav Shree Deep Knit Wear came into existence in the year 2012 as a manufacturer, supplier and exporter of an extensive range of Acrylic, Tweed, Wool & Fabrics.

13/02/2026
20/09/2025
20/09/2025
19/10/2023

काया और माया का घमंड ना कर
लाडले,मौत का OTP नहीं आता।

19/10/2023

ना कोई जाति गलत होता है ना कोई धर्म गलत होता है गलत तो वह लोग होते हैं जो अपनापन दिखाकर दलाली करते हैं

17/10/2023

एक बार भौतिक विज्ञान की कक्षा में शिक्षक ने विद्यार्थियों से पूछा, कार में ब्रेक क्यों लगाते हैं?

एक छात्र ने उठकर उत्तर दिया, "सर, कार को रोकने के लिए।" एक अन्य छात्र ने उत्तर दिया, "कार की गति को कम करने और नियंत्रित करने के लिए।" एक अन्य ने कहा, "टक्कर से बचने के लिए।"

जल्द ही, जवाब दोहराए जाने लगे। इसलिए शिक्षक ने स्वयं प्रश्न का उत्तर देने का निर्णय लिया।

चेहरे पर एक मुस्कान के साथ उन्होंने कहा, "मैं आप सभी की सराहना करता हूँ कि आप इस सवाल का जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि मेरा मानना ​​​​है कि यह सब व्यक्तिगत धारणा का मामला है। पर मैं इसे इस तरह से देखता हूँ, " कार में ब्रेक, हमें इसे और तेज चलाने में सक्षम बनाते हैं।"

कक्षा में गहरा सन्नाटा छा गया! इस जवाब की किसी ने कल्पना नहीं की थी।

शिक्षक ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, "एक पल के लिए, मान लेते हैं कि हमारी कार में कोई ब्रेक नहीं है। अब हम अपनी कार को कितनी तेज चलाने के लिए तैयार होंगे?

आगे उन्होंने कहा, "यह ब्रेक ही हैं जिनके कारण हम कार को तेजी से चलाने की हिम्मत करते हैं और अपने गंतव्य तक पहुँच सकते हैं।"

कक्षा के सभी छात्र सोच में पड़ गए। उन्होंने पहले कभी इस तरह से "ब्रेक" के बारे में नहीं सोचा था।

आइए विचार करें!

जीवन में हमारे सामने कई ऐसे ब्रेक आते हैं, जो हमें निराश करते हैं। हमारे माता-पिता, शिक्षक, शुभचिंतक और हमारे मित्र, हमारी प्रगति की दिशा या जीवन में निर्णय के बारे में हमसे पूछते है।

हम उनके प्रश्नों तथा जीवन की कठिन स्थितियों को "ब्रेक" के रूप में देखते हैं, जो हमारी गति को बाधित करते हैं।

लेकिन कैसा हो अगर हम उन्हें अपने समर्थक या उत्प्रेरक के रूप में देखें? ऐसे उपकरण के रूप में जो हमें जोखिम लेने में सक्षम बनाते हैं, साथ ही यह सुनिश्चित करते हैं कि हम अपनी रक्षा कर सकें।

क्योंकि, कभी-कभी हमें रुकना पड़ता है। यहाँ तक की एक कदम पीछे भी हटना पड़ता है, ताकि हम एक लंबी छलांग लगा सकें।

ऐसे सवालों और परिस्थितियों (समय-समय पर ब्रेक) के कारण ही हम आज जहॉं हैं, वहाँ पहुँचने में कामयाब रहे हैं।

जीवन में इन "ब्रेक" के बिना हम फिसल सकते थे, दिशा खो सकते थे या एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का शिकार हो सकते थे।

ब्रेक हमें वापस पीछे धकेलने या हमें बांधने के लिए नहीं होते हैं। इसके बजाय वे हमें पहले की तुलना में तेजी से आगे बढ़ने में सहायक होते है। ताकि हम अपने गंतव्य तक शीघ्र और सुरक्षित पहुँच सके।

क्या हम अपने जीवन में 'ब्रेक' के लिए आभारी हैं, या हम उन्हें केवल अपने काम में बाधा के रूप में देखते हैं ???
क्या हम अपने जीवन में 'ब्रेक' के लिए आभारी हैं ।या हम उन्हें केवल अपने काम में बाधा के रूप में देखते हैं ???ेखते हैं ???

17/10/2023

ये वही रामभद्राचार्य जी है जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रामलला के पक्ष में वेद पुराण के उद्धारण के साथ गवाही दी थी।

दृश्य था उच्चतम न्यायलय का ... श्रीराम जन्मभूमि के पक्ष में वादी के रूप में उपस्थित थे धर्मचक्रवर्ती, तुलसीपीठ के संस्थापक, पद्मविभूषण, जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी ... जो विवादित स्थल पर श्रीराम जन्मभूमि होने के पक्ष में शास्त्रों से प्रमाण पर प्रमाण दिये जा रहे थे ...
न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति मुसलमान था ...
उसने छूटते ही चुभता सा सवाल किया, "आप लोग हर बात में वेदों से प्रमाण मांगते हैं ... तो क्या वेदों से ही प्रमाण दे सकते हैं कि श्रीराम का जन्म अयोध्या में उस स्थल पर ही हुआ था?"
जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (जो प्रज्ञाचक्षु हैं) ने बिना एक पल भी गँवाए कहा , " दे सकता हूँ महोदय", ... और उन्होंने ऋग्वेद की जैमिनीय संहिता से उद्धरण देना शुरू किया जिसमें सरयू नदी के स्थान विशेष से दिशा और दूरी का बिल्कुल सटीक ब्यौरा देते हुए श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बताई गई है ।
कोर्ट के आदेश से जैमिनीय संहिता मंगाई गई ... और उसमें जगद्गुरु जी द्वारा निर्दिष्ट संख्या को खोलकर देखा गया और समस्त विवरण सही पाए गए ... जिस स्थान पर श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बताई गई है ... विवादित स्थल ठीक उसी स्थान पर है ...
और जगद्गुरु जी के वक्तव्य ने फैसले का रुख हिन्दुओं की तरफ मोड़ दिया ...
मुसलमान जज ने स्वीकार किया , " आज मैंने भारतीय प्रज्ञा का चमत्कार देखा ... एक व्यक्ति जो भौतिक आँखों से रहित है, कैसे वेदों और शास्त्रों के विशाल वाङ्मय से उद्धरण दिये जा रहा था ? यह ईश्वरीय शक्ति नहीं तो और क्या है ?"
"सिर्फ दो माह की उम्र में आंख की रोशनी चली गई, आज 22 भाषाएं आती हैं, 80 ग्रंथों की रचना कर चुके हैं

सनातन धर्म को दुनिया का सबसे पुराना धर्म कहा जाता है. वेदों और पुराणों के मुताबिक सनातन धर्म तब से है जब ये सृष्टि ईश्वर ने बनाई. जिसे बाद में साधू और संन्यासियों ने आगे बढ़ाया. ऐसे ही आठवीं सदी में शंकराचार्य आए, जिन्होंने सनातन धर्म को आगे बढ़ाने में मदद की.
पद्मविभूषण रामभद्राचार्यजी एक ऐसे संन्यासी के हैं जो अपनी दिव्यांगता को हराकर जगद्गुरू बने.

1. जगद्गुरु रामभद्राचार्य चित्रकूट में रहते हैं. उनका वास्तविक नाम गिरधर मिश्रा है, उनका जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में हुआ था.

2. रामभद्राचार्य एक प्रख्यात विद्वान्, शिक्षाविद्, बहुभाषाविद्, रचनाकार, प्रवचनकार, दार्शनिक और हिन्दू धर्मगुरु हैं.

3. वे रामानन्द सम्प्रदाय के वर्तमान चार जगद्गुरु रामानन्दाचार्यों में से एक हैं और इस पद पर साल 1988 से प्रतिष्ठित हैं.

4. रामभद्राचार्य चित्रकूट में स्थित संत तुलसीदास के नाम पर स्थापित तुलसी पीठ नामक धार्मिक और सामाजिक सेवा स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के संस्थापक हैं और आजीवन कुलाधिपति हैं.

5. जगद्गुरु रामभद्राचार्य जब सिर्फ दो माह के थे तभी उनके आंखों की रोशनी चली गई थी.

6. वे बहुभाषाविद् हैं और 22 भाषाएं जैसे संस्कृत, हिन्दी, अवधी, मैथिली सहित कई भाषाओं में कवि और रचनाकार हैं.

7. उन्होंने 80 से अधिक पुस्तकों और ग्रंथों की रचना की है, जिनमें चार महाकाव्य (दो संस्कृत और दो हिन्दी में ) हैं. उन्हें तुलसीदास पर भारत के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों में गिना जाता है.

8. चिकित्सक ने गिरिधर की आँखों में रोहे के दानों को फोड़ने के लिए गरम द्रव्य डाला, परन्तु रक्तस्राव के कारण गिरिधर के दोनों नेत्रों की रोशनी चली गयी.

9. वे न तो पढ़ सकते हैं और न लिख सकते हैं और न ही ब्रेल लिपि का प्रयोग करते हैं. वे केवल सुनकर सीखते हैं और बोलकर अपनी रचनाएं लिखवाते हैं.

10. साल 2015 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया था

17/10/2023
Rishta wahi soch nayi
19/07/2023

Rishta wahi soch nayi

Ye inki asli aukaat
10/02/2023

Ye inki asli aukaat

Address

B1/2 Sharada Dyeing Compound, Near Union Bank Of India, Manpada Road , Shagaon MIDC Phase 2 Dombivli (E)
Thane
421204

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Umashankar yadav posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Umashankar yadav:

Share

Category