21/01/2026
एक आठ साल की बच्ची अकेले सोती थी, लेकिन हर सुबह शिकायत करती थी कि उसका बिस्तर “बहुत छोटा” लगता है। जब उसकी माँ रात 2 बजे सुरक्षा कैमरे की फुटेज देखती है, तो वह खामोशी से टूट जाती है…
बेंगलुरु के एक शांत इलाके में हमारा छोटा सा परिवार रहता है—मैं, मेरे पति रोहन और हमारी 8 साल की बेटी अनाया। हमने अनाया को बचपन से ही आत्मनिर्भर बनाया था, इसलिए वह बहुत छोटी उम्र से ही अपने अलग कमरे में अकेले सोती थी। उसका कमरा बड़ा था, बिस्तर शानदार था और वह कभी अकेले सोने से नहीं डरती थी।
सब कुछ ठीक था, जब तक कि वह सुबह नहीं आई...
जब मैं रसोई में नाश्ता बना रही थी, अनाया दौड़कर मेरे पास आई और मेरी कमर से लिपटकर उनींदी आवाज़ में बोली— “माँ… कल रात मेरा बिस्तर बहुत तंग लग रहा था, मुझे ठीक से नींद नहीं आई।”
मैंने हँसकर बात टाल दी कि शायद उसने बिस्तर पर खिलौने छोड़ दिए होंगे। लेकिन अगले एक हफ्ते तक हर सुबह उसका यही कहना था: "माँ, ऐसा लग रहा था जैसे कोई मुझे बिस्तर के किनारे की तरफ धकेल रहा हो।" "माँ, क्या आप रात में मेरे कमरे में आई थीं? क्योंकि मुझे महसूस हुआ कि कोई मेरे पास लेटा है।"
अनाया की आँखों में छिपा डर अब मुझसे देखा नहीं जा रहा था। मेरे पति को लगा कि यह बच्चों का कोई वहम है, लेकिन एक माँ का दिल नहीं माना। मैंने सच जानने के लिए अनाया के कमरे के कोने में एक छोटा सा सीक्रेट कैमरा लगा दिया।
उस रात, मैं चैन से सोने की कोशिश कर रही थी, लेकिन तभी रात के 2 बजे मेरी आँख खुली। मैंने डरते-डरते फोन पर कैमरे की लाइव फीड खोली।
स्क्रीन पर जो दिख रहा था, उसने मेरे होश उड़ा दिए। अनाया के कमरे का दरवाज़ा धीरे से खुला और एक धुंधली सी आकृति अंदर दाखिल हुई। सफेद बाल और काँपते कदम... वह साया सीधे अनाया के बिस्तर की ओर बढ़ा और धीरे से उसकी रज़ाई उठाकर उसके बगल में लेट गया।
मेरा कलेजा मुँह को आ गया, क्योंकि वह कोई अजनबी नहीं, बल्कि घर का ही एक सदस्य था...
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